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वो पीछे पड़े हैं - बच्चे पैदा करो! || आचार्य प्रशांत (2024)

2025-02-01 7 Dailymotion

वीडियो जानकारी: 08.03.24, महाशिवरात्रि विशेष सत्र, ग्रेटर नॉएडा

विवरण:
इस वीडियो में आचार्य प्रशांत ने समाज में बच्चों के जन्म और परिवार की संरचना पर चर्चा की है। वे बताते हैं कि कैसे समाज में एक महिला की पहचान उसके बच्चों से जुड़ी होती है और यदि उसके बच्चे नहीं हैं, तो उसे धार्मिक समारोहों में भी शामिल नहीं किया जाता। आचार्य जी ने यह भी कहा कि ऊंची चेतना का निर्णय लेने वाले लोगों को समाज से बाहर कर दिया जाता है।

वे यह स्पष्ट करते हैं कि ऊंचे निर्णय लेने से व्यक्ति को अपने सच्चे मित्रों और शत्रुओं की पहचान करने में मदद मिलती है। आचार्य जी ने यह भी बताया कि हमें अपने विवेक का उपयोग करना चाहिए और समाज के दबाव से मुक्त होकर अपने निर्णय लेने चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सही ज्ञान और सच्चाई को समझते हैं, वे समाज के पाखंड और झूठ से बच सकते हैं। आचार्य जी ने गीता और उपनिषदों के ज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चाई को पहचानना और उसे अपनाना ही असली धर्म है।

प्रसंग:
~ जनसँख्या नियंत्रण ज़रूरी क्यों है?
~ जनसँख्या नियंत्रण में एक डॉक्टर (चिकित्सक) की क्या भूमिका होनी चाहिए?
~ बच्चा क्यों नहीं पैदा करना चाहिए आज के समय में?
~ आध्यात्मिक शिक्षा क्यों महत्वपूर्ण है सभी के लिए?
~ हमें आख़िरकार बच्चा क्यों चाहिए होता है?
~ बच्चे पैदा करना सही या गलत?
~ क्या हम रोक भी सकते हैं बच्चे पैदा करना?
~ बच्चों से हमारी इतनी आसक्ति क्यों?
~ जनसंख्या विस्फोट की समस्या से कैसे निजात पाएँ?
~ होश में संतानोत्पत्ति का क्या अर्थ है?
~ प्रेम का क्या अर्थ है?
~ बच्चों के प्रति हमारी क्या ज़िम्मेदारी है?
~ बच्चे पैदा करें या नहीं?
~ अत्याधिक धन कमाने की इच्छा क्यों उठती है?
~ जीवन में पैसे का कितना महत्त्व है?
~ जीवन-यापन करने के लिए धन की आवश्यकता होना और मन का धन-लोलुप हो जाना;
~ कमाना है, भोगना है, मज़े करने हैं!
~ क्या कमाना सिर्फ भोगने के लिए है?
~ क्या ज़िंदगी निजी भोग के लिए है?
~ निजी भोग (Personal consumption) का क्या अर्थ है?


संगीत: मिलिंद दाते
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